देहरादून पुलिस की जवाबदेही तय, एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाते हुए पूरे उत्तराखंड में अपराधियों के खिलाफ ‘ऑपरेशन प्रहार’ चलाने के निर्देश दे दिए हैं। हाल में देहरादून में हुई पूर्व ब्रिगेडियर की हत्या समेत अन्य आपराधिक घटनाओं पर कड़ी नाराजगी जताते हुए सीएम ने पुलिस महानिदेशक को साफ कहा कि किसी भी कीमत पर कानून का राज स्थापित किया जाएगा।

पुलिस मुख्यालय में बुधवार को आयोजित उच्च स्तरीय लॉ एंड ऑर्डर बैठक में मुख्यमंत्री धामी ने आला अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई के आदेश जारी किए। उन्होंने कहा कि अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो, निर्धारित समय के बाद चल रहे बार-पब्स पर सख्ती बरती जाए। रोड रेज, देर रात फायरिंग और अवैध गतिविधियों पर पूर्ण अंकुश लगाया जाए। प्रदेशभर में तत्काल व्यापक चेकिंग अभियान चलाया जाए और हुड़दंग करने वाले तत्वों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाए। बैठक में सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता आम जनता की सुरक्षा है। ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी-कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने देहरादून में गोली लगने से ब्रिगेडियर की मौत के मामले में तत्काल कार्रवाई का उदाहरण देते हुए कहा कि कुठालगेट चौकी प्रभारी अशोक कुमार और उप आबकारी निरीक्षक सोबन सिंह को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। आगे भी ऐसी लापरवाही पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न अधिकारियों को स्पष्ट जिम्मेदारियां सौंपी हैं। आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप को देहरादून की कानून व्यवस्था की दैनिक मॉनिटरिंग का जिम्मा सौंपा गया है। एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल को अधीनस्थ अधिकारियों की टास्किंग और जवाबदेही सुनिश्चित करने तथा क्षेत्र में प्रभावी पुलिसिंग बनाए रखने के निर्देश दिए गए। आईजी एसटीएफ नीलेश आनन्द भरणे और एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह को देहरादून में सक्रिय आपराधिक तत्वों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने को कहा गया। सीएम धामी ने सभी क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों को फील्ड में सक्रिय रहकर हॉटस्पॉट इलाकों में पुलिस विजिबिलिटी बढ़ाने, बैरियर्स पर सघन चेकिंग और प्रातःकालीन समय में सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही पीजी, किरायेदारों का सघन सत्यापन और होम-स्टे की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को भी कहा गया। डीजीपी दीपम सेठ ने बैठक के बाद सभी पुलिस अधिकारियों को मुख्यमंत्री के निर्देशों पर तत्काल अमल करने के आदेश जारी कर दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ‘ऑपरेशन प्रहार’ से उत्तराखंड में अपराध नियंत्रण को नई गति मिलेगी। जनता को उम्मीद है कि सरकार के इस सख्त रुख से राज्य में शांति-व्यवस्था मजबूत होगी और अपराधियों में दहशत बनेगी।