ऋषिकेश बाईपास: तीनपानी से खरासोटे पुल तक का सफर होगा आसान, शहर को मिलेगी नई पहचान

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निरंतर प्रयासों और प्रभावी पैरवी का नतीजा सामने आया है। केंद्र सरकार ने ऋषिकेश बाईपास फोरलेन निर्माण परियोजना को मंजूरी दे दी है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एनएच-7 पर 1105.79 करोड़ रुपये की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह 12.67 किलोमीटर लंबा फोरलेन बाईपास तीनपानी फ्लाईओवर (किमी 529.750) से शुरू होकर खरासोटे पुल (किमी 542.420) तक बनेगा। बाईपास भट्टोवाला और ढालवाला गांवों से होकर गुजरेगा। परियोजना को इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एवं कंस्ट्रक्शन (EPC) मोड में तीन वर्षों के अंदर पूरा किया जाएगा। कार्य में किसी भी प्रकार की लागत वृद्धि या समय विस्तार की अनुमति नहीं होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। ऋषिकेश बाईपास के पूरा होने से ऋषिकेश शहर में यातायात का भारी दबाव कम हो जाएगा। खासकर चारधाम यात्रा के दौरान और पर्यटक सीजन में होने वाले लंबे जाम से स्थानीय नागरिकों, तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी। सीएम धामी ने कहा, “यह परियोजना ऋषिकेश के समग्र विकास और बेहतर यातायात प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हम राज्य के शहरी और दूरस्थ क्षेत्रों को आधुनिक सड़क नेटवर्क से जोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। मंत्रालय के अनुसार, परियोजना की प्रारंभिक अनुमानित लागत 1151.18 करोड़ रुपये थी, जिसे संशोधित कर 1105.79 करोड़ रुपये कर दिया गया है। निर्माण कार्य ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के माध्यम से शुरू किया जाएगा। देहरादून स्थित क्षेत्रीय अधिकारी को इस परियोजना का आहरण एवं संवितरण अधिकारी नामित किया गया है। ऋषिकेश बाईपास का निर्माण ऋषिकेश शहर के अंदरूनी इलाकों से ट्रैफिक को बाहर निकालने में मदद करेगा। वर्तमान में एनएच-7 पर भारी वाहनों और पर्यटक वाहनों की आवाजाही के कारण शहर में रोजाना घंटों जाम लगता है, जिससे स्थानीय व्यवसाय, पर्यटन और आम जनजीवन प्रभावित होता है। इस बाईपास के बनने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी और पर्यटन उद्योग को नई गति मिलेगी। यह परियोजना उत्तराखंड की सड़क बुनियादी ढांचा विकास की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय का उदाहरण है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऋषिकेश बाईपास के पूरा होने से न केवल देवभूमि की छवि मजबूत होगी, बल्कि आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री धामी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परियोजना को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।