हल्द्वानी। हल्द्वानी के बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण मामले में आगामी 9 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होने जा रही है। मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की सूची में तीसरे नंबर पर है। ऐसे में हल्द्वानी ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश की निगाहें इस सुनवाई पर टिकी हुई हैं। सुनवाई के बाद इसी दिन मामले में कोई बड़ा आदेश या फैसला आने की उम्मीद जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि रेलवे और उत्तराखंड सरकार की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट की पीठ से मामले को जल्द सुने जाने का अनुरोध किया था। इसके बाद 9 सितंबर की तारीख निर्धारित हुई। हालांकि, इसी दिन अंतिम फैसला आएगा या नहीं, यह अदालत की कार्यवाही पर निर्भर करेगा। बनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे की करीब 30 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण का मामला लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया में है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अतिक्रमण की जद में 3500 से अधिक भवन और 5236 परिवार बताए जा रहे हैं। यदि रेलवे भूमि से अतिक्रमण हटाने का आदेश होता है तो इसका सीधा असर करीब 27 हजार लोगों पर पड़ने की बात कही जा रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उत्तराखंड सरकार भी अपनी कानूनी तैयारियों में जुटी है। वहीं, गृह विभाग ने पुलिस और प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले हल्द्वानी में प्रशासन और पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों को मजबूत कर रही है। अब सबकी नजरें 9 सितंबर की सुनवाई पर हैं। अदालत में रेलवे भूमि, प्रभावित परिवारों और अतिक्रमण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा।

