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उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू का आंकड़ा 641 पार, कोविड और डेंगू ने भी बढ़ाई टेंशन

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देहरादून। मानसून के ढलने के साथ ही उत्तराखंड में बदलते मौसम ने बीमारियों का दौर शुरू कर दिया है। प्रदेश में स्वाइन फ्लू , डेंगू और कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से उछाल देखने को मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में स्वाइन फ्लू से पीड़ित मरीजों की कुल संख्या 641 तक पहुंच गई है, जबकि दो लोगों की इस बीमारी की वजह से जान जा चुकी है।

प्रदेश में मानसून विदाई की ओर है, लेकिन बदलते मौसम के साथ मौसमी बीमारियों का असर बढ़ता दिखाई दे रहा है। प्रदेश में स्वाइन फ्लू यानी सीजनल इन्फ्लुएंजा के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अब तक 641 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। हालांकि राहत की बात यह है कि इनमें से 600 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं, जबकि 39 मरीजों का उपचार जारी है। स्वाइन फ्लू से प्रदेश में अब तक दो मरीजों की मौत भी हो चुकी है। पिछले 24 घंटे में स्वाइन फ्लू के 15 नए मामले सामने आए हैं। इनमें अकेले देहरादून जिले में नौ मरीज मिले हैं, जबकि छह मामले अन्य जिलों से सामने आए। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि नए मामलों की संख्या में पहले की तुलना में कमी दिखाई दे रही है, लेकिन मौसम में बदलाव को देखते हुए निगरानी और सतर्कता जारी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार प्रदेश में स्वाइन फ्लू की जांच के लिए अब तक 2111 सैंपल लिए गए हैं। इनमें देहरादून में 428 और अन्य जिलों में 213 मरीज पॉजिटिव पाए गए। आंकड़े बताते हैं कि बीमारी का प्रभाव केवल एक आयु वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक इसके मामले सामने आए हैं। आंकड़ों के अनुसार 641 संक्रमित मरीजों में 0 से 11 माह के एक बच्चे, 1 से 10 वर्ष के 101 बच्चे, 11 से 20 वर्ष के 57 मरीज और 21 से 30 वर्ष के 72 मरीज शामिल हैं। वहीं 31 से 40 वर्ष आयु वर्ग में 58, 41 से 50 में 63, 51 से 60 में 97, 61 से 70 में 105, 71 से 80 में 71 तथा 81 से 100 वर्ष आयु वर्ग में 16 मरीज सामने आए हैं। इन आंकड़ों में पुरुष मरीजों की संख्या महिलाओं से अधिक है। कुल संक्रमितों में 339 पुरुष और 302 महिलाएं शामिल हैं। स्वाइन फ्लू के साथ कोरोना संक्रमण के मामले भी सामने आ रहे हैं। प्रदेश में अब तक 1060 सैंपल की जांच की गई, जिनमें 57 लोगों में कोविड संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें 29 मरीज देहरादून और 28 अन्य जिलों से हैं। स्वास्थ्य विभाग बदलते मौसम में सांस संबंधी संक्रमणों को लेकर निगरानी बनाए हुए है। प्रदेश में डेंगू के मामले भी सामने आ रहे हैं। अब तक करीब 34,226 सैंपल की जांच की गई है, जिनमें 222 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। इनमें देहरादून के 109 और अन्य जिलों के 113 मरीज शामिल हैं। राहत की बात यह है कि इनमें से 203 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 19 मरीजों का उपचार चल रहा है। स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षणों में अचानक तेज बुखार, ठंड लगना, लगातार खांसी, गले में दर्द या खराश, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, अत्यधिक थकान, नाक बहना या बंद होना और सांस लेने में परेशानी शामिल हैं। कुछ बच्चों में उल्टी और दस्त की समस्या भी हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग की निदेशक डॉ. शिखा जगपांगी ने कहा कि स्वाइन फ्लू के मामले अब घटते दिखाई दे रहे हैं, लेकिन विभाग अलर्ट मोड में है। मौसम बदलने के साथ अलग-अलग मौसमी बीमारियां सामने आती हैं, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। स्वाइन फ्लू को लेकर पहले ही एडवाइजरी जारी की जा चुकी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि लगातार तीन से चार दिन तक बुखार बना रहता है और सुधार नहीं होता, तो खुद से दवा लेने के बजाय तत्काल अस्पताल पहुंचकर चिकित्सक से परामर्श लें। समय पर जांच और उपचार से बीमारी को गंभीर स्थिति में पहुंचने से रोका जा सकता है। बदलते मौसम में प्रदेश में एक साथ स्वाइन फ्लू, कोविड और डेंगू के मामले सामने आना स्वास्थ्य विभाग के लिए निगरानी की चुनौती बढ़ा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में संक्रमण की स्थिति पर नजर रखना और समय पर उपचार कराना महत्वपूर्ण होगा।