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कागजी झंझट छोड़ ऑनलाइन मोड में आया आयोग: परीक्षा केंद्रों के सत्यापन का नया एडवांस मॉडल लागू

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देहरादून। उत्तराखंड में सरकारी नौकरियों के लिए भर्ती परीक्षाओं में शामिल होने वाले युवाओं के लिए एक बेहद शानदार और राहत भरी खबर है। परीक्षा के दिन अक्सर अनजान शहरों में दर-दर भटककर परीक्षा केंद्र (एग्जाम सेंटर) तलाशने की युवाओं की बड़ी समस्या का अब हमेशा के लिए अंत होने जा रहा है। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने एक बेहद आधुनिक और हाईटेक डिजिटल सिस्टम तैयार किया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड पर एक विशेष क्यूआर कोड दिया जाएगा। इस क्यूआर कोड को मोबाइल से स्कैन करते ही परीक्षार्थियों को उनके परीक्षा केंद्र की सटीक गूगल लोकेशन मिल जाएगी, जिससे वे बिना किसी परेशानी के सीधे अपने सेंटर तक पहुंच सकेंगे।

राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा तैयार किए गए इस 'परीक्षा केंद्र प्रबंधन सिस्टम' से न केवल छात्रों को राहत मिलेगी, बल्कि उत्तराखंड लोक सेवा आयोग और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग , दोनों के लिए परीक्षा केंद्रों का चयन करना भी अब चुटकियों का काम हो जाएगा। इस नए सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि प्रदेश भर के परीक्षा केंद्रों का इस पोर्टल पर केवल एक बार ही पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) करना होगा। इसके बाद दोनों आयोगों को हर नई परीक्षा के लिए बार-बार केंद्रों का पंजीकरण करने की सिरदर्दी से मुक्ति मिल जाएगी। पोर्टल पर पंजीकृत सभी परीक्षा केंद्रों का वर्गीकरण उनकी कुल बैठक क्षमता, वहां उपलब्ध तकनीकी सुविधाओं और बुनियादी संसाधनों के आधार पर किया जाएगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि दोनों आयोग किसी भी परीक्षा की संवेदनशीलता, सुरक्षा मानकों और परीक्षार्थियों की संख्या के हिसाब से सटीक परीक्षा केंद्रों का चयन पल भर में कर सकेंगे। यह पोर्टल पूरी तरह से स्वचालित (ऑटोमेटेड) है। परीक्षा केंद्रों को पंजीकरण से लेकर परीक्षा के दिन अभ्यर्थियों की उपस्थिति प्रेषण तक, प्रत्येक चरण की सूचनाएं और अलर्ट सीधे एसएमएस और ई-मेल के माध्यम से मिलते रहेंगे। इसके अलावा, परीक्षा केंद्र इस पोर्टल के जरिए ऑनलाइन उपस्थिति भी दर्ज कर सकेंगे, जिससे पूरी निगरानी और अभिलेख प्रबंधन (रिकॉर्ड कीपिंग) बेहद आसान हो जाएगा। इस डिजिटल मुहिम के तहत उत्तराखंड के सभी जिलों से अब तक कुल 200 परीक्षा केंद्रों को पोर्टल पर पंजीकृत किया जा चुका है, जबकि कई अन्य केंद्रों का पंजीकरण अभी प्रक्रिया में है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार अल्मोड़ा से 2, बागेश्वर से 9, चंपावत से 33, नैनीताल से 17, पिथौरागढ़ से 6 और ऊधमसिंह नगर से 19 परीक्षा केंद्र शामिल हैं। चमोली से 24, देहरादून से 31, हरिद्वार से 8, पौड़ी से 21, रुद्रप्रयाग से 13, टिहरी से 1 और उत्तरकाशी से 16 परीक्षा केंद्र इस डिजिटल सिस्टम से जुड़ चुके हैं। राज्य लोक सेवा आयोग के सचिव अशोक कुमार पांडेय ने इस महत्वपूर्ण डिजिटल सुधार की जानकारी देते हुए बताया इस अत्याधुनिक डिजिटल प्रणाली के लागू होने से भारी-भरकम कागजी कार्रवाई में उल्लेखनीय कमी आएगी। परीक्षा केंद्रों के साथ आयोग का समन्वय पहले से कहीं अधिक बेहतर और मजबूत होगा। सबसे बड़ी बात यह है कि पूरी परीक्षा संचालन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी बनेगी। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों के मैन्युअल चयन में नष्ट होने वाली आयोग की ऊर्जा और समय की भी बड़ी बचत होगी। उत्तराखंड सरकार का यह डिजिटल कदम प्रदेश की परीक्षा प्रणाली को फुलप्रूफ और छात्र-अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।