समस्तीपुर। बिहार के समस्तीपुर जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आ रही है। खानपुर थाना क्षेत्र के ऐतिहासिक एवं प्रसिद्ध '24 अवतार धाम चकोठी मठ' को शातिर चोरों ने अपना निशाना बनाया है। चोरों ने मंदिर से करीब 200 वर्ष पुरानी अष्टधातु की भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण जी की बेशकीमती मूर्तियां और सोने-चांदी के भारी आभूषण चोरी कर लिए हैं। मठ प्रशासन के अनुसार, चोरी गई इन ऐतिहासिक प्रतिमाओं और आभूषणों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब ₹1.5 करोड़ (डेढ़ करोड़ रुपये) आंकी जा रही है। इस महाचोरी के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश है।
घटना का खुलासा सोमवार की सुबह उस समय हुआ, जब मठ के महामंडलेश्वर रामसेवक दास शास्त्री ब्रह्म मुहूर्त में नित्य पूजा-अर्चना के लिए मंदिर परिसर पहुंचे। उन्होंने देखा कि मंदिर का ताला खुला हुआ था और गर्भगृह के अंदर सारा सामान बिखरा पड़ा था। भगवान के सिंहासन से मूर्तियां गायब थीं, जिसके बाद तुरंत पुलिस को इस बात की सूचना दी गई। महामंडलेश्वर रामसेवक दास शास्त्री ने बताया कि चोर बेहद शातिर थे और उन्होंने केवल कीमती सामानों पर हाथ साफ किया। चोर अपने साथ भगवान राम की प्रतिमा पर लगा सोने का पवित्र धनुष, कंगन, माता सीता का मुकुट, सोने की भारी छतरी और चांदी का मुकुट सहित कई अन्य बहुमूल्य आभूषण बटोर ले गए। महामंडलेश्वर के मुताबिक, चोरी गई अष्टधातु की भगवान राम की केवल एक मूर्ति की ही ऐतिहासिक और बाजारू कीमत करीब ₹1 करोड़ से अधिक है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि चोरों ने मंदिर के भीतर रखे कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर भी हाथ साफ किया। हालांकि, चोरी के बाद भागने की आपाधापी में चोरों ने कुछ सामान पास के ही एक खेत में फेंक दिया, जिसे सुबह पुलिस और ग्रामीणों की मदद से बरामद कर लिया गया है। इस ऐतिहासिक धार्मिक स्थल पर हुई इतनी बड़ी वारदात ने स्थानीय पुलिस और मठ की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। गौरतलब है कि बीते 24 जून को इसी 24 अवतार धाम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा महायज्ञ का आयोजन हुआ था, जिसमें बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद शिरकत की थी और पूजा-अर्चना की थी। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि मुख्यमंत्री के इस हाई-प्रोफाइल दौरे के ठीक बाद मंदिर का पूरा सीसीटीवी सिस्टम बंद कर दिया गया था और वहां से डीवीआर भी हटा दिया गया था। चोरों को शायद इस बात की भनक पहले से थी। पुलिस अब इस बेहद संदिग्ध और गंभीर दावे की गहराई से जांच कर रही है। वारदात की गंभीरता को देखते हुए खानपुर थाना पुलिस के साथ-साथ एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की विशेष टीम तुरंत खोजी कुत्तों और आधुनिक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंच गई है। फिंगरप्रिंट्स और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस आसपास के रास्तों पर लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों और तकनीकी इनपुट्स को खंगाल रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं (जिसमें सुरक्षा की लापरवाही भी शामिल है) को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और जल्द ही चोरों को दबोचकर मूर्तियों को बरामद कर लिया जाएगा।

