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यूपी के लाखों दिव्यांगजनों को सीएम योगी का बड़ा तोहफा: फिर बढ़ेगी पेंशन राशि, 18 मंडलों में खुलेंगे पुनर्वास केंद्र

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गोरखपुर। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश के दिव्यांगजनों को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि प्रदेश में दिव्यांगजन पेंशन की धनराशि में एक बार फिर बढ़ोतरी की जाएगी। सरकार के इस कदम से राज्य के लाखों दिव्यांग पेंशनभोगियों के जीवन स्तर में सुधार आएगा और उन्हें वित्तीय राहत मिलेगी।

यूपी में दिव्यांगजनों के लिए संचालित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को लेकर सरकार पेंशन की राशि में एक बार फिर बढ़ोतरी की तैयारी में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम में पेंशन राशि और लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने की बात कही। इससे प्रदेश के लाखों दिव्यांग पेंशनभोगियों को आने वाले समय में अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है। सितंबर में मुख्यमंत्री ने वृद्धजन, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों समेत करीब 1.10 करोड़ लाभार्थियों को वर्तमान में सालाना 12 हजार रुपये पेंशन दिए जाने और जल्द राशि बढ़ाने की बात कही थी। दिव्यांगजन पेंशन को लेकर सरकार पहले भी राशि में चरणबद्ध बढ़ोतरी कर चुकी है। उपलब्ध सरकारी और रिपोर्टेड रिकॉर्ड के मुताबिक 2017 से पहले दिव्यांगजन को 300 रुपये प्रतिमाह मिलते थे, जिसे बाद में बढ़ाकर 500 और फिर 1,000 रुपये प्रतिमाह किया गया। फरवरी 2026 में राज्य सरकार की ओर से भी 1,000 रुपये मासिक पेंशन का उल्लेख किया गया था। इसी क्रम में जुलाई 2026 में राज्य सलाहकार बोर्ड की बैठक के बाद दिव्यांगजन पेंशन को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रतिमाह करने पर सैद्धांतिक सहमति की जानकारी सामने आई थी। हालांकि, अंतिम लागू राशि और प्रभावी तिथि को शासनादेश के आधार पर ही तय माना जाएगा। सरकार का फोकस केवल पेंशन बढ़ाने तक सीमित नहीं है। दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए प्रदेश के सभी 18 मंडलों में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। गोरखपुर के सीतापुर आई हॉस्पिटल परिसर में ऐसे केंद्र की शुरुआत हो चुकी है। इन केंद्रों के जरिए दिव्यांगजनों को पुनर्वास, प्रशिक्षण और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जा रही है। दृष्टिबाधित और मूकबधिर बच्चों के लिए संचालित राजकीय विद्यालयों, मनोविकास केंद्रों और कौशल विकास केंद्रों को भी मजबूत करने की योजना है। कम उम्र के बच्चों के लिए ‘बचपन डे केयर सेंटर’ के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में विशेष शिविर आयोजित करने की योजना है। इन शिविरों का उद्देश्य ऐसे पात्र दिव्यांगजनों को पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ना है, जो किसी कारण से अब तक लाभ से वंचित रह गए हैं। इससे स्थानीय स्तर पर पात्रता, दस्तावेज और आवेदन से जुड़ी समस्याओं के समाधान में मदद मिलने की उम्मीद है। सरकार के अनुसार, अब तक 17 लाख से अधिक दिव्यांगजनों के यूडीआईडी कार्ड बनाए जा चुके हैं। वहीं श्रवण बाधित बच्चों के लिए कॉक्लियर इंप्लांट और स्पीच थेरेपी जैसी सुविधाओं को भी योजनाओं से जोड़ा गया है। कॉक्लियर इंप्लांट के लिए अधिकतम छह लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता का प्रावधान बताया गया है। दिव्यांग युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगार और स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ने पर भी जोर है। मुख्यमंत्री युवा, पीएम स्वनिधि और मुद्रा जैसी योजनाओं के जरिए उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। पेंशन में प्रस्तावित बढ़ोतरी के साथ पुनर्वास, शिक्षा, प्रशिक्षण, स्वास्थ्य सहायता और स्वरोजगार की योजनाओं को जोड़कर सरकार दिव्यांगजनों के लिए सहायता का दायरा बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। अब नजर इस बात पर होगी कि प्रस्तावित बढ़ोतरी का अंतिम शासनादेश कब जारी होता है और नई राशि कब से लाभार्थियों के खातों में पहुंचती है।