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चक्रवात अर्नब से तीन की मौत, मकानों और बिजली ढांचे को भारी नुकसान

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नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान 'अर्नब' बुधवार तड़के भारी तबाही के साथ आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के यानम तट से टकरा गया। लैंडफॉल के दौरान 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तूफानी हवाओं और मूसलाधार बारिश ने तटीय जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के अनुसार, आंध्र प्रदेश में तूफान के चलते 3 लोगों की जान चली गई, जबकि 31 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। सैकड़ों पेड़ और दर्जनों बिजली के खंभे उखड़ने से कई इलाकों में बिजली गुल हो गई और यातायात ठप हो गया। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, चक्रवात ने रात दो बजे से सुबह आठ बजे के बीच नरसापुर और यानम के पास तट को पार किया। इस दौरान काकीनाडा, विशाखापत्तनम, पूर्वी गोदावरी और एलुरु समेत 7 जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। काकीनाडा में सैकड़ों पेड़ गिरने और 100 के करीब बिजली के खंभे टूटने की सूचना है, वहीं तटवर्ती उप्पाडा सड़क समुद्र की तेज लहरों में पूरी तरह बह गई। विशाखापत्तनम के आरके बीच पर समुद्र की लहरें उफान पर रहीं। इस बीच, अंतर्वेदी के पास सल्फर ले जा रहा एक मालवाहक जहाज इंजन खराब होने के कारण उथले पानी में फंस गया। तूफान के उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के साथ ही ओडिशा के दक्षिणी जिलों में आपात स्थिति बन गई है। ओडिशा सरकार ने एहतियात के तौर पर 30 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया है। आईएमडी ने मलकानगिरी, कोरापुट, नबरंगपुर, रायगड़ा, गजपति और कालाहांडी में 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश की आशंका जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं पश्चिम बंगाल के दीघा तट पर भी उग्र समुद्र और तेज हवाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। तूफान के व्यापक असर के चलते विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा और राजमुंदरी हवाई अड्डों से कई उड़ानें रद्द कर दी गईं। चक्रवात का असर पड़ोसी राज्य झारखंड में भी दिखा, जहां घने बादलों और बारिश के बीच तापमान में 3 से 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। एहतियात के तौर पर रांची और लोहरदगा में 28 और 29 अक्टूबर को 12वीं तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर निर्देश दिए कि मुख्य मार्गों से गिरे पेड़ों को दो घंटे के भीतर हटाया जाए और प्रभावित क्षेत्रों में बिजली-पानी की आपूर्ति फौरन बहाल हो। वहीं यानम और आंध्र के प्रभावित जिलों में एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमें मलबा हटाने और राहत सामग्री पहुंचाने में युद्धस्तर पर जुटी हैं। मौसम विभाग के अनुसार, सिस्टम अब कमजोर होकर गहरे दबाव के क्षेत्र में बदल रहा है और छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा है।