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धामी सरकार का बड़ा कदम: प्रवासियों के अनुभव और सहयोग से संवरेगा उत्तराखंड का भविष्य, अफसरों की विशेष टीम गठित

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देहरादून। राज्य स्थापना दिवस को इस बार और अधिक भव्य व ऐतिहासिक बनाने के लिए धामी सरकार ने कमर कस ली है। इस बार राज्य स्थापना दिवस समारोह को पूरे एक सप्ताह तक अलग-अलग भव्य कार्यक्रमों के जरिए मनाया जाएगा। इसमें सबसे खास आकर्षण ‘प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन’ होगा, जिसके जरिए देश और दुनिया के कोने-कोने में बसे उत्तराखंडियों को अपनी मातृभूमि के विकास से जोड़ने की बड़ी पहल की जा रही है।

उत्तराखंड के विकास में प्रवासी उत्तराखंडियों की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें अपनी जन्मभूमि से जोड़ने के लिए धामी सरकार बड़ी तैयारी में जुट गई है। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर इस बार पूरे सप्ताह विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सम्मेलन की तैयारियों को व्यवस्थित रूप देने के लिए सरकार ने वरिष्ठ अधिकारियों की एक विशेष समिति गठित की है। प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत 13 नवंबर को प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन आयोजित किया जाना है, जिसमें देश-विदेश में रहने वाले उत्तराखंडी शामिल हो सकते हैं। सरकार इस बार राज्य स्थापना सप्ताह को व्यापक स्तर पर मनाने की तैयारी कर रही है। इसके तहत उत्तराखंड की संस्कृति, राज्य आंदोलन और प्रदेश की विकास यात्रा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही विदेशों और देश के दूसरे राज्यों में रह रहे उत्तराखंड मूल के लोगों को भी इन आयोजनों से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। सरकार का उद्देश्य प्रवासियों के अनुभव, विशेषज्ञता और सहयोग का लाभ प्रदेश के विकास के लिए लेना है। प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन की तैयारियों और आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री आरके सुधांशु की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। इसमें गृह, पर्यटन, संस्कृति, कौशल विकास, उद्योग, नियोजन, उच्च शिक्षा, विद्यालयी शिक्षा और सामान्य प्रशासन सहित विभिन्न विभागों के सचिवों को सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा सूचना महानिदेशक, जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी समिति से जोड़ा गया है। अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को शामिल करने का उद्देश्य सम्मेलन से जुड़ी व्यवस्थाओं, समन्वय और आयोजन संबंधी जिम्मेदारियों को समय रहते पूरा करना है। प्रदेश सरकार की ओर से देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले उत्तराखंड मूल के लोगों तक पहुंचने की तैयारी की जा रही है। सम्मेलन में अधिक से अधिक प्रवासियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए बड़े स्तर पर निमंत्रण भेजने की योजना है। प्रवासी उत्तराखंडी प्रदेश से बाहर रहते हुए भी अपनी सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यावसायिक पहचान के माध्यम से उत्तराखंड से जुड़े रहते हैं। सरकार ऐसे लोगों को राज्य की विकास योजनाओं और संभावनाओं से जोड़ने के साथ उनके सुझाव और सहयोग प्राप्त करना चाहती है। राज्य स्थापना सप्ताह के दौरान उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपराओं और राज्य आंदोलन से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। सरकार की योजना है कि सात दिनों तक चलने वाले इन आयोजनों के माध्यम से प्रदेश की उपलब्धियों और विकास की संभावनाओं को व्यापक स्तर पर सामने रखा जाए। सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी के अनुसार, सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड के विकास में प्रवासी उत्तराखंडियों का सहयोग प्राप्त करना है। राज्य स्थापना दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर उन्हें प्रदेश से जोड़ना विशेष महत्व रखता है। अब सम्मेलन की तैयारियों, प्रवासियों तक निमंत्रण पहुंचाने और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। प्रस्तावित आयोजन से यह उम्मीद की जा रही है कि प्रदेश और प्रवासी उत्तराखंडियों के बीच संवाद को नया मंच मिलेगा तथा राज्य के विकास में उनकी भागीदारी बढ़ाने के अवसर तलाशे जा सकेंगे।