Breaking News :

उपनल कर्मचारियों को बड़ी राहत, 2024 तक नियुक्त कर्मियों को मिलेगा समान कार्य के लिए समान वेतन, 10 हजार संविदाकर्मियों के नियमितीकरण की तैयारी

Blog
 Image

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने उपनल कर्मचारियों और संविदा कर्मियों को बड़ी राहत देने की दिशा में अहम कदम उठाया है। मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक में वर्ष 2024 तक नियुक्त सभी उपनल कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से ‘समान कार्य के लिए समान वेतन’ देने पर सहमति बन गई है। इसके साथ ही राज्य के करीब 10 हजार संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाने पर सकारात्मक चर्चा हुई है।

 कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक में उपनल कर्मचारियों के वेतन और सेवा संबंधी मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि एक मार्च 2026 से उपनल कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने की व्यवस्था लागू की जाएगी। हालांकि, कुछ विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों ने इस व्यवस्था को पहले ही लागू करना शुरू कर दिया है। प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में उपनल (उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड) के माध्यम से 22 हजार से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। ये कर्मचारी लंबे समय से समान कार्य के बदले समान वेतन और नियमितीकरण की मांग कर रहे थे। सरकार के इस फैसले को उनकी वर्षों पुरानी मांग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में समान वेतन के लिए निर्धारित कट-ऑफ तिथि 12 नवंबर 2018 से बढ़ाकर 15 अक्टूबर 2024 करने के प्रस्ताव को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी थी। इसके बाद प्रक्रिया, वित्तीय प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए मामला मंत्रिमंडलीय उपसमिति को सौंपा गया था, जिसने अब इस पर सहमति दे दी है। बैठक में संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। सरकार करीब 10 हजार संविदा कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से नियमित करने की दिशा में तैयारी कर रही है। इस संबंध में अलग से हुई चर्चा में भी सकारात्मक सहमति बनी है। माना जा रहा है कि जल्द ही इस संबंध में विस्तृत नीति और प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा। बैठक में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, सचिव कार्मिक शैलेश बगौली, सचिव वित्त दिलीप जावलकर, सचिव सैनिक कल्याण युगल किशोर पंत तथा उपनल के प्रबंध निदेशक ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सरकार के इस फैसले से हजारों उपनल और संविदा कर्मचारियों को आर्थिक और सेवा संबंधी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अब कर्मचारियों की निगाहें सरकार की ओर से जारी होने वाले औपचारिक आदेश और नियमितीकरण की नीति पर टिकी हैं, जिससे लंबे समय से लंबित उनकी मांगों को स्थायी समाधान मिल सके।