JPSC परीक्षा में धांधली की जांच के दौरान बड़े पैमाने पर कागजात जब्त, जांच का दायरा बढ़ा

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रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) परीक्षा में कथित अनियमितता और धांधली के मामले में आपराधिक अनुसंधान विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हजारीबाग जिले में सोमवार सुबह कई स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पौता गांव से दो सगे भाइयों को हिरासत में लिया गया। जांच एजेंसी ने कार्रवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, करोड़ों रुपये के बैंक चेक और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े अभ्यर्थियों के मूल प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) बरामद किए हैं।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हिरासत में लिए गए दोनों भाइयों की पहचान लालू यादव और प्रदीप यादव के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि इनमें से एक भाई का चयन कथित तौर पर जेपीएससी परीक्षा के माध्यम से हुआ था, जबकि दूसरे पर प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित सेटिंग और फर्जीवाड़ा कराने वाले नेटवर्क से जुड़े होने का संदेह है। हालांकि इन आरोपों की जांच अभी जारी है। सीआईडी की विशेष टीम सोमवार सुबह करीब छह बजे स्थानीय पुलिस बल के साथ पौता गांव पहुंची और प्रदीप यादव के आवास पर छापेमारी शुरू की। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुफस्सिल, लोहसिंहना, कोर्रा और सदर थाना की पुलिस भी मौके पर तैनात रही। अधिकारियों ने लगभग पांच घंटे तक घर की गहन तलाशी ली और दोनों भाइयों से विस्तृत पूछताछ की। छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी के हाथ कई ऐसे दस्तावेज लगे हैं, जिन्हें इस मामले में अहम माना जा रहा है। इनमें करोड़ों रुपये के बैंक चेक, उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े कई अभ्यर्थियों के मूल एडमिट कार्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेज शामिल हैं। इन बरामद दस्तावेजों से जांच एजेंसी को संदेह है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में अवैध तरीके से सफलता दिलाने के नाम पर बड़े पैमाने पर धन का लेन-देन किया गया हो सकता है। पौता गांव में कार्रवाई के बाद सीआईडी टीम ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए बड़कागांव क्षेत्र के अन्य संदिग्ध ठिकानों पर भी छापेमारी की। एजेंसी अब बरामद दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। फिलहाल दोनों आरोपियों से एक गोपनीय स्थान पर पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और दस्तावेजों के विश्लेषण के आधार पर इस कथित सिंडिकेट से जुड़े अन्य बिचौलियों, अभ्यर्थियों और संभावित प्रभावशाली लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। सीआईडी सूत्रों के अनुसार, जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है और आने वाले दिनों में राज्य के अन्य जिलों में भी कार्रवाई हो सकती है। यदि बरामद दस्तावेजों और बैंक लेन-देन से नए सुराग मिलते हैं तो इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। जेपीएससी  परीक्षा में कथित धांधली का मामला पिछले कुछ समय से राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है। ऐसे में सीआईडी की ताजा कार्रवाई को इस पूरे प्रकरण की जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजर जांच एजेंसी की अगली कार्रवाई और इस मामले में सामने आने वाले नए खुलासों पर टिकी है।