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धामी सरकार का 'सुशासन मॉडल' सुपरहिट: 'जन-जन की सरकार' अभियान से जुड़े साढ़े 6 लाख से अधिक लोग, मौके पर ही निपट रहीं शिकायतें

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर उत्तराखंड में चलाए जा रहे 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' अभियान को पूरे प्रदेश में अभूतपूर्व जनसमर्थन मिल रहा है। प्रशासन को आम जनता के दरवाजे तक पहुँचाने के इस अनूठे प्रयास से अब तक प्रदेशभर के साढ़े छह लाख से अधिक लोग सीधे तौर पर जुड़ चुके हैं। राज्य सरकार का यह विशेष अभियान न केवल लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान कर रहा है, बल्कि सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ भी पात्र व्यक्तियों तक पहुँचा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर चलाया जा रहा 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' अभियान प्रदेशभर में लोगों का भरोसा जीतता नजर आ रहा है। आम जनता की समस्याओं का घर-घर जाकर समाधान करने और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस अभियान से अब तक 6.68 लाख से अधिक लोग जुड़ चुके हैं। दूसरे चरण में ही 1 लाख 34 हजार 740 नागरिकों ने विभिन्न शिविरों में भाग लेकर योजनाओं का लाभ उठाया और अपनी समस्याओं का समाधान कराया। राज्य सरकार की ओर से संचालित इस विशेष अभियान के तहत जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर लगातार विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि एक ही स्थान पर मौजूद रहकर लोगों की शिकायतों का तत्काल निस्तारण कर रहे हैं। साथ ही समाज कल्याण पेंशन, आयुष्मान कार्ड, चिकित्सा उपकरण, कृषि उपकरण, प्रमाण-पत्र और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मौके पर उपलब्ध कराया जा रहा है। चार जुलाई से शुरू हुए अभियान के दूसरे चरण के तहत अब तक 198 शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। मानसून के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ और बड़ी संख्या में नागरिक इन शिविरों तक पहुंचे। इस दौरान 23,219 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 20,808 शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। वहीं 81,753 पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिला। इससे पहले दिसंबर में शुरू हुए अभियान के पहले चरण में 681 शिविरों का आयोजन किया गया था। उस दौरान 5 लाख 33 हजार 452 लोगों ने शिविरों में भाग लिया था और करीब 33 हजार शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया गया था। पहले और दूसरे चरण को मिलाकर अभियान से जुड़ने वालों की संख्या अब साढ़े छह लाख से अधिक हो गई है, जिसे राज्य सरकार सुशासन और जनसहभागिता की दिशा में बड़ी उपलब्धि मान रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाना है। प्रशासन स्वयं गांव-गांव और कस्बों तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है और पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 'सरलीकरण, समाधान और जनसंतुष्टि' के मूल मंत्र के साथ कार्य कर रही है। यह अभियान सुशासन की अवधारणा को धरातल पर उतारने का प्रभावी माध्यम बन रहा है और सरकार तथा जनता के बीच भरोसे को और मजबूत कर रहा है। प्रदेशभर में मिल रहे व्यापक जनसमर्थन से स्पष्ट है कि 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आम लोगों तक प्रशासन की सीधी पहुंच और त्वरित सेवा का प्रभावी मॉडल बनकर उभर रहा है।