देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन 2027 की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय हो गया है। राजधानी देहरादून के राजपुर रोड स्थित एक होटल में भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित दो दिवसीय उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक मंगलवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के दोनों मंडलायुक्त,पुलिस रेंज के प्रभारी, पुलिस स्टेट नोडल अधिकारी, सभी जनपदों के जिलाधिकारी (जिला निर्वाचन अधिकारी) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की 20 से अधिक प्रवर्तन एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
उत्तराखंड विधानसभा सामान्य निर्वाचन 2027 को लेकर प्रशासनिक और पुलिस तंत्र ने तैयारियां तेज कर दी हैं। भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित दो दिवसीय उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में चुनावी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। इसमें इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की जांच से लेकर कानून-व्यवस्था, सुरक्षा बलों की तैनाती और विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों की भूमिका तक कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। आयोग के अधिकारियों ने अब तक की तैयारियों पर संतोष जताते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित चुनावी कार्ययोजना के अनुसार काम करने के निर्देश दिए। देहरादून के राजपुर रोड स्थित एक होटल में आयोजित बैठक में दोनों मंडलों के आयुक्त, पुलिस रेंज के प्रभारी, पुलिस के राज्य नोडल अधिकारी, सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए। केंद्र और राज्य सरकार की 20 से अधिक प्रवर्तन एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी आयोग के प्रतिनिधिमंडल के सामने अपने-अपने विभागों की तैयारियों का प्रस्तुतीकरण दिया। भारत निर्वाचन आयोग के प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग, महानिदेशक मीडिया आशीष गोयल और महानिदेशक सूचना प्रौद्योगिकी सीमा खन्ना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने भी बैठक में भाग लिया। बैठक के पहले दिन विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के तहत जिलाधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों, उप जिला निर्वाचन अधिकारियों और जिला ईवीएम नोडल अधिकारियों के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) को लेकर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें आयोग की ओर से आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच चुनाव प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य मशीनों की तकनीकी स्थिति की जांच करना और मतदान से पहले उनकी कार्यक्षमता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से पूरा करना है। आयोग ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित प्रक्रिया और निर्देशों के अनुरूप काम करने पर जोर दिया। बैठक के दूसरे दिन सभी जिलाधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारियों ने अपने-अपने जिलों में चुनावी तैयारियों की स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इसमें प्रशासनिक व्यवस्था, चुनावी योजना और संबंधित कार्यों की प्रगति की जानकारी साझा की गई। जिलों के पुलिस अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और सुरक्षा बलों की तैनाती की योजना के बारे में बताया। फोर्स डिप्लॉयमेंट प्लान के माध्यम से चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर की जा रही तैयारियों का ब्योरा प्रस्तुत किया गया। आयोग के अधिकारियों ने सभी जिलों को निर्धारित समय-सारिणी और चुनावी कार्ययोजना के अनुसार तैयारी आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। चुनाव के दौरान निष्पक्षता और कानून का पालन सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। बैठक में अर्द्धसैनिक बलों, आबकारी, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी), परिवहन, वन विभाग, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और सीमा शुल्क विभाग सहित 21 एजेंसियों ने अपने कार्यों से संबंधित प्रस्तुतीकरण दिया। इन एजेंसियों की भूमिका चुनाव के दौरान अवैध शराब, नकदी, संदिग्ध वस्तुओं और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर निगरानी सहित अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में लागू नियमों के पालन से जुड़ी होती है। दो दिवसीय बैठक के समापन पर आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने अब तक की तैयारियों पर संतोष व्यक्त किया। साथ ही स्पष्ट किया कि सभी अधिकारी निर्धारित चुनावी कार्ययोजना के अनुसार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। विधानसभा चुनाव 2027 से पहले हुई यह समीक्षा बैठक प्रशासन, पुलिस और प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब चुनावी तैयारियों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाना और निर्देशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की प्राथमिकता होगी।

