रांची। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा आयोजित देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट-यूजी 2026'की पुनर्परीक्षा आज झारखंड में बेहद कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच शुरू हो गई है। सूबे के 21 प्रमुख शहरों में कुल 67 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ राज्यभर के 30 हजार से अधिक डॉक्टर बनने की चाह रखने वाले अभ्यर्थी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। हर बार की तरह इस बार भी राजधानी रांची परीक्षा का मुख्य केंद्र बनी हुई है, जहाँ सबसे अधिक 21 केंद्र बनाए गए हैं और यहाँ अकेले 10 हजार से अधिक परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं। इसके अलावा हजारीबाग में 9, बोकारो और जमशेदपुर में 8-8, जबकि कोयलांचल धनबाद में 7 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
परीक्षा को पूरी तरह से शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त (चीटिंग-मुक्त) वातावरण में संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से जमीन से लेकर आसमान तक व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए रांची के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) कुमार रजत ने एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने राजधानी के सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास 200 मीटर की परिधि में तत्काल प्रभाव से निषेधाज्ञा (धारा 144) लागू करने का आदेश जारी किया है। इसके तहत केंद्रों के आसपास बेवजह भीड़ जुटाने, संदिग्धों की अनावश्यक आवाजाही और किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। रविवार सुबह से ही परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों का परीक्षा केंद्रों पर जुटना शुरू हो गया था। परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शुरू होकर शाम 5:15 बजे तक एक ही पाली में आयोजित की जा रही है। एनटीए के अनुसार, इस बार परीक्षा की कुल अवधि 195 मिनट निर्धारित की गई है, जो सामान्य से 15 मिनट अधिक है। अधिकारियों ने बताया कि यह अतिरिक्त समय परीक्षा हॉल के भीतर होने वाले बायोमेट्रिक सत्यापन, हस्ताक्षर और अन्य आवश्यक तकनीकी औपचारिकताओं में लगने वाले समय की भरपाई के लिए दिया गया है, ताकि छात्रों का मुख्य लिखने का समय बर्बाद न हो। केंद्र के मुख्य द्वार पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की त्रिस्तरीय सघन जांच की जा रही है, जिसमें गहन बायोमेट्रिक सत्यापन और पहचान पत्रों का कड़ाई से मिलान शामिल है। इस बार परीक्षा की शुचिता को अक्षुण्ण रखने के लिए एनटीए और जिला प्रशासन ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। प्रश्न पत्रों की सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखने के लिए इन्हें विशेष सुरक्षा घेरे में वायु मार्ग (हवाई जहाज) से सीधे रांची पहुंचाया गया था, जहां से इन्हें विभिन्न जिलों के स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा गया। परीक्षा के दौरान पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी 67 केंद्रों के कमरों और गलियारों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लाइव मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जा रही है। पुनर्परीक्षा को लेकर केंद्र पर पहुंचे छात्रों और अभिभावकों के बीच मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिली। परीक्षा देने पहुंची एक छात्रा ने कहा दोबारा परीक्षा देना हमारे लिए एक बड़ा मानसिक और मनोवैज्ञानिक चुनौतीपूर्ण सफर था। लेकिन हमें तैयारी के लिए जो अतिरिक्त समय मिला, हमने उसका बेहतर उपयोग किया है। केंद्र पर सुरक्षा और बायोमेट्रिक की व्यवस्था काफी बेहतरीन है, जिससे हमें भरोसा है कि इस बार मूल्यांकन पूरी पारदर्शिता के साथ होगा और किसी भी योग्य छात्र के साथ अन्याय नहीं होगा। वहीं, बाहर धूप में इंतजार कर रहे अभिभावकों ने माना कि परीक्षा को लेकर बच्चों पर मानसिक दबाव जरूर था, लेकिन एनटीए और प्रशासन द्वारा किए गए इंतजाम पूरी तरह से संतोषजनक और पारदर्शी दिखाई दे रहे हैं। राजधानी के अलावा देवघर जिले में भी नीट पुनर्परीक्षा का आयोजन अत्यंत कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच किया जा रहा है। बाबा नगरी में शांतिपूर्ण और पारदर्शी परीक्षा संचालन के लिए कुल चार भव्य केंद्र बनाए गए हैं। सुबह से ही जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, दंडाधिकारी (मजिस्ट्रेट) और पुलिस पदाधिकारी स्वयं केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं ताकि परीक्षा पूरी तरह निर्बाध रूप से संपन्न हो सके।

