पांच वर्षीय बच्चे पर गुलदार हमले के बाद सिंद्रवाणी में शोक और भय

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रुद्रप्रयाग के सिंद्रवाणी (छिनका, नगरासू) क्षेत्र में गुलदार के हमले का दर्दनाक मामला मंगलवार देर रात एक भयावह अंत तक पहुंच गया। दिनभर की उम्मीदों और रातभर चले सघन रेस्क्यू अभियान के बाद लगभग रात 11 बजे जंगल से 5 वर्षीय मासूम दक्ष का शव बरामद किया गया। अब गुलदार की दहशत के कारण क्षेत्र के कई स्कूलों में दो दिन छुट्टी घोषित कर दी गई है। मंगलवार देर रात हुए हादसे के बाद क्षेत्र में दशहत का व्यापक असर देखा जा रहा है. जिला प्रशासन ने भी बच्चों की सुरक्षा पर संकट को देखते हुए कुछ स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। जिनमें राजकीय प्राथमिक विद्यालय चमसील, सारी, छिनका, झालीमठ, हिलोराधार, सिंद्रवाणी और राजकीय उच्चतम प्राथमिक विद्यालय छिनका और जूनियर हाईस्कूल ककोड़ाखाल शामिल हैं। इन स्कूलों में बुधवार और गुरुवार की छुट्टी घोषित कर दी है। 

गांव में मातम, हर आंख नम: मासूम दक्ष की मौत के बाद पूरे सिंद्रवाणी क्षेत्र में मातम और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों में भय इस कदर व्याप्त है कि लोग घरों से बाहर निकलने में भी हिचक रहे हैं। एसडीएम सोहन सिंह सैनी ने बताया कि गुलदार की गतिविधियों को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में पिंजरे लगाए जाएंगे।  वन विभाग की गश्ती टीमें लगातार निगरानी रखेंगी और ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की गई है। प्रशासन पर फूटा गुस्सा, उक्रांद का बड़ा आरोप: इस दर्दनाक घटना को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल ने वन विभाग और जिला प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उक्रांद के केंद्रीय महामंत्री देवेंद्र चमोली ने कहा कि यह घटना प्रशासन द्वारा जनता की चेतावनियों को अनसुना करने का नतीजा है। उन्होंने याद दिलाया कि कुछ माह पूर्व इसी क्षेत्र के जोदंला (पाली मल्ली) गांव में भी गुलदार ने एक व्यक्ति की जान ली थी, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि 'जनता का सब्र जवाब दे रहा है। वन विभाग और जिला प्रशासन यदि अब भी नहीं जागा, तो हालात और भयावह होंगे। बता दें कि देर रात छिनका, नगरासू क्षेत्र में गुलदार ने एक 5 वर्षीय बच्चे को निवाला बना दिया। घंटों के सर्च अभियान के बाद दक्ष का शव गांव से कुछ दूरी पर क्षत विक्षत हालत में प्राप्त हुआ।