जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के दुर्गम ग्रामीण इलाकों में मंगलवार को गोलियों की गड़गड़ाहट सुनाई दी। जिले के बिलावर स्थित नजोटे वन क्षेत्र में संदिग्ध आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने एक बड़ा तलाशी अभियान (सर्च ऑपरेशन) शुरू किया है। इस दौरान आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग होने की खबर है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, बिलावर के नजोटे जंगल इलाके से रुक-रुक कर फायरिंग हो रही है। सुरक्षाबलों को खुफिया जानकारी मिली थी कि घने जंगलों में कुछ संदिग्ध आतंकी छिपे हुए हैं। जब बल की टुकड़ियां जंगल के भीतर आगे बढ़ रही थीं,तभी आतंकियों ने सुरक्षाबलों की हलचल देख उन पर फायरिंग शुरू कर दी. भारतीय जवानों ने भी तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई की। गौरतलब है कि यह वही क्षेत्र है जिसके पास कहोग वन पट्टी में 7 जनवरी को भी आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हुई थी। उस समय सुरक्षाबलों ने आतंकियों को चारों तरफ से घेर लिया था, लेकिन इलाके की कठिन भौगोलिक स्थिति, पहाड़ियों और घने कोहरे व अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकी भागने में सफल रहे थे। माना जा रहा है कि यह वही समूह है जो लगातार ठिकाने बदल रहा है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल आसपास के इलाकों में घेराबंदी और तलाशी अभियान को और कड़ा कर दिया गया है। अतिरिक्त सुरक्षा बल मौके पर भेजे गये हैं ताकि आतंकियों के भागने के सभी रास्ते बंद किए जा सकें। अधिकारियों ने बताया कि घेराबंदी और सर्च ऑपरेशन को और मजबूत कर दिया गया है और आतंकवादियों को पकड़ने की कोशिशें जारी हैं। जम्मू क्षेत्र में आतंकी गतिविधियों में यह तेजी ऐसे समय में देखी जा रही है जब आगामी 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस के समारोहों की तैयारियां चल रही हैं। खुफिया इनपुट के अनुसार, आतंकी किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में हैं। इसी के मद्देनजर पूरे जम्मू संभाग में 'एंटी-टेरर ऑपरेशंस' तेज कर दिए गए हैं। सीमावर्ती जिलों में नाकाबंदी बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।

