उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने साल 2025 में अलग-अलग आपदाओं से हुए नुकसान के आकलन को लेकर पीडीएनए यानी पोस्ट डिजास्टर नीड असेसमेंट रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट को भारत सरकार को भी भेज दिया गया है। उत्तराखंड आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन की मानें तो आपदा से बीते साल तकरीबन 15,000 करोड़ का नुकसान हुआ है।
बता दें कि पोस्ट डिजास्टर नीड एसेसमेंट रिपोर्ट में आपदाओं के बाद आपदाओं के कारण, सामाजिक प्रभाव, लॉसेस, डैमेजेस, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के अलावा क्रॉस-कटिंग क्षेत्रों में हुए नुकसान एवं आवश्यकताओं का विस्तृत व क्षेत्रवार आकलन तैयार किया जाता है। इस तरह से आपदा के बाद उसके हर एक पहलू पर विस्तृत रिपोर्ट बनाने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य है। इससे पहले उत्तराखंड में कुछ विशेष क्षेत्र की आपदाओं की पीडीएनए रिपोर्ट तैयार की गई है, लेकिन इस बार पूरे साल भर में प्रदेशभर में हुई आपदाओं की पीडीएनए रिपोर्ट उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने तैयार की है। जिसमें खुलासा हुआ है कि आपदा ने साल 2025 में उत्तराखंड में भारी नुकसान पहुंचाया है। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से केंद्र को भेजी गई पीडीएनए रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तराखंड में बीती साल यानी 2025 में प्राकृतिक आपदाओं के चलते कुल 15,103.52 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
इस नुकसान में यदि सीधे तौर पर हुए प्रत्यक्ष क्षति की बात करें तो 3,792.38 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। इसमें से 312.19 करोड़ रुपए की अप्रत्यक्ष क्षति हुई है, जिसे नुकसान में गिना गया है। वहीं, इसके अलावा नुकसान की भरपाई, व्यवस्थाएं पटरी पर लाने और बेहतर पुनर्वास पुनर्निर्माण के लिए 10,998.95 करोड़ रुपए की जरूरत है। साल 2025 में उत्तराखंड में आई आपदाओं के सोशल इंपैक्ट की बात करें तो आपदा प्रबंधन की पीडीएनए रिपोर्ट के मुताबिक, यह नुकसान 4,966.85 करोड़ रुपए का है, जिसने प्रदेश की सोशल इकोनॉमी पर असर डाला है। इस नुकसान में हाउसिंग, एजुकेशन और हेल्थ पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। केवल हेल्थ सेक्टर की बात करें तो 2,579.47 करोड़ रुपए का आर्थिक प्रभाव सामने आया है। जबकि, हाउसिंग सेक्टर में यह नुकसान 2,005.84 करोड़ रुपए का रहा है। पीडीएनए की रिपोर्ट के मुताबिक, अवस्थापना के क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति सबसे ज्यादा बाधित हुई है। जिसमें 4,048.88 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। इसके अलावा सड़कों में 1,963.29 करोड़ रुपए तो वहीं पावर सेक्टर में 213.52 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है. इस तरह से प्रदेश की अवस्थापना में कुल 6,225.69 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, पर्यटन एवं वानिकी समेत उत्पादक क्षेत्रों में कुल 893.94 करोड़ रुपए का आर्थिक प्रभाव आंका गया है। इसमें पर्यटन क्षेत्र सर्वाधिक प्रभावित रहा, जहां 744.94 करोड़ रुपए का नुकसान दर्ज किया गया है। वहीं, इसके अलावा क्रॉस कटिंग क्षेत्र की बात करें तो आपदा जोखिम न्यूनीकरण के अंतर्गत 3,017.04 करोड़ रुपए की पुनर्निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण आवश्यकता चिन्हित की गई है, जिससे भविष्य में आपदाओं के प्रभाव को कम किया जा सके।

